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Navratri 2021 Special- Kantikartik Yadav Ji,Kavita Vasnik Ji

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Gaura Gauri Geet- Johar Johar Mor Goura Gouri -Gitanjali Sahu

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Gaura Gauri Geet- Johar Johar Mor Goura Gouri -Gitanjali Sahu

गऊरा गऊरी गीत- गऊरा गऊरी गीत छत्तीसगढ़ का एक प्रसिद्ध लोक उत्सव है। गऊरा हैं शिव तथा गऊरी हैं गौरी पार्वती। यह लोक उत्सव हर वर्ष कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष की अमावस्या (दीपावली और लक्ष्मी पूजा के बाद) मनाया जाता है। इस पूजा में सभी जाति समुदाय के लोग शामिल होते हैं। दीपावली पूजा के दिन को ‘शुरुहुत्ति त्यौहार’ कहते हैं अर्थात् त्यौहार की शुरुआत। शाम चार बजे उस दिन लोग झुंड में गांव के बाहर जाते हैं और एक स्थान पर पूजा करते हैं। उसके बाद उसी स्थान से मिट्टी लेकर गांव वापस आते हैं। गांव वापस आने के बाद मिट्टी को गीला करते हैं और उस गीली मिट्टी से शिव-पार्वती की मूर्ति बनाते हैं। शिव है गऊरा – गऊरा है बैल सवारी और पार्वती याने गऊरी है सवारी कछुए की। ये मूर्तियां बनाने के बाद लकड़ी के पिड़हे पर उन्हें रखकर बड़े सुन्दरता के साथ सजाया जाता है। लकड़ी की एक पिड़हे पर बैल पर गऊरा और दूसरे पिड़हे पर कछुए पर गऊरी। पिड़हे के चारों कोनों में चार खम्बे लगाकर उसमें दिया तेल बत्ती लगाया जाता हैं। बड़े सुन्दर दृश्य है। रात को लक्ष्मी पूजा के बाद रात बारह बजे से गऊरा गऊरी झांकी पूरे गांव में घूमती रहती है। घूमते वक्त दो कुंवारे लड़के या लड़की गऊरा गऊरी के पिड़हे सर पर रखकर चलते हैं। और आसपास गऊरा गऊरी गीत आरम्भ हो जाते हैं नाच-गाना दोनों ही आरम्भ हो जाते हैं। गाते हुए नाचते हुए लोग झांकी के आसपास मंडराते हुए गांव की परिक्रमा करते हैं।

Gaura Gauri Geet- Johar Johar Mor Goura Gouri

Ek Patri Raini Baini New CG Song| एक पतरी रैनी बैनी| Gitanjali Sahu| OP Dewangan #gouragourinewsong

Ek Patri Raini Baini New CG Song

Kaise Karav Tor Bidai-Kantikartik Yadav (Navratri Special Bidai Song Video)

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Kaise Karav Tor Bidai-Kantikartik Yadav (Navratri Special Bidai Song Video)

The Chhattisgarhi Durga Mahotsav is the largest surviving Durga Puja in the world. The story of this ritual, like any other, involves several rituals and rituals. Each one is an important part of the story. Three very different events–Jyoti (worship) of the Mother Goddess, Tripti (pilgrimages), and Durga Visarjan mark the milestones in the story of Durga. Watch this video to discover the meaning behind these three events and what they mean for women and society today.

Jiyat le Nata He Dai(Dukalu Yadav)- Chhattisgarhi New 4K Jas Geet Video

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यह गीत वैराग्य और नकारात्मक बातो को बल नहीं देता है। हमारे शरीर से जुड़े रिश्ते, शरीर के रहते तक है, शरीर छूटा तो सब रिश्ते भी छूट जाने है।

जीवन एक उत्सव है! यह जैसा भी मिला हो पूरे आनंद के साथ व्यतीत कीजिये।
यह गीत जीवन में वैराग्य और नकारात्मक बातो को बल देने वाला नहीं है। हमारे शरीर (काया) से जुड़े रिश्ते, इस शरीर के रहते तक ही है। शरीर छूटा तो सब रिश्ते भी छूट जाने है। वीडियो में जीवन की सच्चाइयो को प्रतीकात्मक रूप से दिखाते हुए सही तरीके से जीने की प्रेरणा देने का प्रयास किया गया है।
आगे कितने ही और जन्म होंगे मगर, वर्तमान शरीर और ये रिश्ते, दुबारा नहीं मिलेंगे। जब तक जीवन है सभी के साथ हंसी ख़ुशी से रहिये।

Cg songs 4k video

New Release 4K Video Song – JAB LE MAI DEKHEV TOLA (Champa Nishad)

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hampa Nishad Cg Song Video | JAB LE MAI DEKHEV TOLA | Sameer Khan | 4K | 360india | Videosong2021 About This Video Song- Jabale Mai Dekhev Tola… (Chhattisgarhi Love Song )

गीत- जबले मै देखेंव तोला…
स्वर- चंपा निषाद एवं समीर खान
गीतकार – श्री रामेश्वर वैष्णव जी
संगीत – विवेक शर्मा जी
ताल संयोजन – महेंद्र चौहान एवं नीलेश शर्मा
रेकार्डिंग- सरगम डिजिटल रिकॉर्डिंग स्टूडियो, रायपुर
विशेष तकनिकी सहयोग- ओ.पी. देवांगन
सिनेमेटोग्राफी – बेनेडिक्ट फ्रांसिस, राजा साहू, यशोधर वर्मा
विशेष आभार-अशोका इंजीनियरिंग कॉलेज राजनाँदगाँव
Copyright – All rights reserve @360INDIA (Shraddha Vinod Kashyap)

Best Beautiful Waterfall and Picnic Spots Near Raipur Chhattisgarh

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Best Beautiful Waterfall and Picnic-

मुंगई माता मंदिर, बावनकेरा,छत्तीसगढ़-

मुंगई माता मंदिर मुम्बई-कोलकाता नेशनल हाइवे पर झलप जिला-महासमुंद छत्तीसगढ़ में स्थित है। जोकि राजधानी रायपुर से लगभग ८५ किलोमीटर दूर है। यहाँ देवी का मंदिर रोड के किनारे और पहाड़ दोनों ही स्थानों पर है। प्राकृतिक रूप यह स्थान वन आच्छादित है । चारो ओर घने जंगल है। पहाड़ी पर स्थित मंदिर के आस पास बहुत सारी प्राकृतिक गुफायें है जहाँ भालू अपने परिवार के साथ रहते है। अब तक इनके द्वारा किसी को नुकसान पहुचाने की जानकारी नही है।
दिन में या शाम होते होते यह भालू का परिवार नीचे माता मंदिर के पास आ जाती है और श्रद्धालुओं के बीच पुजारी जी के हाथों से चीजे लेकर खाने लगते है आम रस शहद जैसी रसीली चीजे इन्हें बेहद पसंद है।

इस वीडियो में भालुओ को घूमते मस्ती करते और खाते हुए आप देख सकते है।
यहाँ लगभग प्रतिदिन ही भालू नीचे आते है बांकी समय ऊपर की पहाड़ी में अपनी गुफा में आराम करते है।
आप झलप से पहले ही इस मंदिर को रोड किनारे देख सकते है और दर्शन कर सकते है। बहुत ही शांत और आध्यात्मिक वातावरण है इस मंदिर में। आप सभी ज़रूर जाए ।

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प्रसिद्ध कनकेश्वर महादेव मंदिर,ग्राम- कनकी कोरबा-

कनकी एक गांव है जो उर्गा के पास हसदो नदी के तट पर स्थित है, जो कोरबा से 20 किमी दूर है। कनकी ऊर्गा से 12 किलोमीटर की दूरी पर है। यह धार्मिक स्थल कनकेश्वर महादेव या चक्रेश्वर महादेव मंदिर के नाम पर प्रसिद्ध है। यह माना जाता है कि कनकी का मंदिर कोरबा के जमींदारों द्वारा 1857 के आस-पास बनाया गया था।
मंदिर, पत्थरों पर बनाई गई कई खूबसूरत चित्रों से सजा हुआ है। इसके अलावा, देवी दुर्गा का एक और प्राचीन मंदिर है।


यह गांव घने जंगल से घिरा हुआ है और कई तालाब यहाँ स्थित है। यह क्षेत्र प्रवासी पक्षियों के कारण भी काफी प्रसिद्ध है। यहाँ 15 मई के बाद विभिन्न तरह के प्रवासी पक्षी नवम्बर देखे जा सकते है ।

All India Tourism

चंडी माता मंदिर (भालू मंदिर) घुंचापाली, बागबाहरा छत्तीसगढ़-

यह मंदिर पहाड़ी पर स्थित है जहां स्वयं भू माता चंडी की विशाल प्रतिमा स्थापित है। यह स्थान राजधानी रायपुर से लगभग 90 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहाँ सड़क मार्ग और रेल मार्ग दोनों से पहुंचा जा सकता है। प्राकृतिक रूप से सम्पन्न यह क्षेत्र घने वनो से घिरा हुआ है , पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहाँ जंगली जानवर भी बहुतायत में पाए जाते है। मंदिर में प्रतिदिन भालुओ की टोली प्रसाद खाने के लिए आते है, ये मंदिर परिसर में पालतू की तरह व्यवहार करते है जिससे किसी प्रकार का खतरा नहीं होता है।

Chhattisgarh Tourism Place

Beautiful Waterfall & Picnic Spots

घटारानी जलप्रपात एवं माता मंदिर, गरियाबंद-

घटारानी, यह जतमई मंदिर से 25 किमी दूर स्थित एक बड़ा जलप्रपात है। घटारानी मंदिर में नवरात्रि का त्योहार बहुत उत्साह और भक्ति के साथ मनाया जाता है। यहां हम विशेष रूप से नवरात्रि जैसे उत्सव के अवसरों पर सजावट देखते हैं। मानसून के बाद यह यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय है। मंदिर के पास ही सुंदर जलप्रपात बहता है, जो इस स्थान को और आकर्षक बनाता है। पूरे परिवार के लिए गंतव्य को पसंदीदा पिकनिक स्थल बनाने के लिए जलप्रपात पूर्ण प्रवाह में है। मंदिर में प्रवेश करने से पहले डुबकी लगाने के लिए झरना सबसे अच्छी जगह है। अधिक साहसी लोग जंगल में सैर कर सकते हैं। रायपुर से घटारानी मंदिर के लिए वाहन आसानी से उपलब्ध हैं।

Chhattisgarh Waterfalls

जतमई माता मंदिर और जलप्रपात गरियाबंद,छत्तीसगढ़-

रायपुर से 85 किमी दूर गरियाबंद के पास स्थित “जतमई मंदिर” एक छोटे से जंगल के सुंदर स्थलों के बीच स्थित “माता जटामाई” को समर्पित है। मंदिर को एक विशाल मीनार और कई छोटे शिखर / मीनारों के साथ ग्रेनाइट से खूबसूरती से उकेरा गया है। मुख्य प्रवेश द्वार के शीर्ष पर पौराणिक पात्रों का चित्रण करने वाली एक भित्ति चित्र देख सकते हैं। बारिश के मौसम में यहाँ प्राकृतक रूप से बहने वाला झरना सभी का मन मोह लेता है।

Waterfall near Raipur Chhattisgarh

धसकुड़ जलप्रपात, सिरपुर, छत्तीसगढ़-

छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक प्राचीन अवशेषों वाले कस्बे सिरपुर से लगभग १४ किलोमीटर दूर बारनयापारा अभ्यारण्य मार्ग पर घने जंगलो के बीच स्थित है धसकुड़ जलप्रपात। प्राकृतिक सौन्दय से भरपूर यह स्थान काफी सूनसान और भयावह भी है। जब भी आप यहाँ जाये समूह में जाये। जंगली जानवर इस क्षेत्र में घूमते मिल सकते है अतः सतर्कता ज़रूरी है।

Dhaskund Waterfall Awara Chhattisgarh

Beautiful Waterfall & Picnic Spots Near Raipur Chhattisgarh

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रहस्यमयी शिव गुफा चैतुरगढ़ का विहंगम दृश्य (Maa Mahisha Sur Mardani Chaiturgarh)-

Chaiturgarh or Lafagarh is a fort about 51 kilometres from Katghora tehsil, Korba district, Chhattisgarh, India, on the Korba–Bilaspur road. It is an Archaeological Survey of India protected monument. Chaiturgarh is one of the 36 forts of Chhattisgarh.

Mainpat Chhattisgarh Tourism Place-

Mainpat is a hill station and small village in the Surguja district in the northern part of the state of Chhattisgarh, India. It lies about 55 kilometers by road from Ambikapur. 
मैनपाट हरे भरे गहरी घाटियों, लुभावने झरनों, घने जंगलों और अछूते नालों के साथ एक हिल स्टेशन है। यहाँ अधिकतर तिब्बती आबादी और क्षेत्र पर प्रभाव और ठंडा स्थान होने के कारण मैनपाट को अक्सर छत्तीसगढ़ का शिमला और मिनी तिब्बत कहा जाता है। तिब्बती शरणार्थियों को मैनपाट तिब्बत पर चीनी आक्रमण के बाद में पुनर्वास किया गया था |

रहस्यमयी चुंबकीय क्षेत्र मैनपाट- DRONE VIDEO OF MAINPAT ULTAPANI & JALJALI ZAMEEN

Chhattisgarh Tourism Board

Bollywood News(Bollywood Industry)Box Office Collection

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Bollywood Industry

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लेटेस्ट मोबाइल और नई लॉन्चिंग (New Mobile Updates)

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New Mobile Updates

Being aware during lockdown and Eat Healthy (लॉक डाउन )

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Being aware during lockdown and Eat Healthy food (Lockdown Updates)

Lockdown Updates (Eat Heathy)
  • Stem cell capsules implanted on heart surface: हमारे जीवन के अस्तित्व के लिए दिल का बेहद महत्व है लेकिन बदलते लाइफस्टाइल के कारण दिल की सेहत सही नहीं रहती. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक हर साल 1.79 करोड़ लोगों की मौत दिल से संबंधित बीमारियों के कारण होती है. इसके लिए खून की नलियों (blood vessels) में संकुचन जिम्मेदार है. इस सबका असर हार्ट पर होता है. खून […]
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Dr. Pukhraj Bafna-Padmashri Dr. Pukhraj Bafna (In Medicine)

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Pukhraj Bafna is an Indian pediatrician and adolescent health consultant, known for his contributions towards tribal child and adolescent health. The Government of India honored Bafna in 2011, with the fourth highest civilian award of Padma Shri.Padmshri Dr. Pukhraj Bafna-

AWARDS AND RECOGNITIONS

Pukhraj Bafna is a recipient of the National C. T. Thakkar Award of the Indian Medical Association in 1978 and the Becon International Award in 1986. He has also received the Mahaveer Mahatma Award from the Times of India group and the Academic Excellence Award from the Indian Academy of Pediatrics, both in 2004. Jain Vishva Bharati University Rajasthan and the Government of Kerala have honored Bafna with citations. In 2011, The Government of India included him in the list of Republic day honours for the award of Padma Shri.

BIOGRAPHY

Pukhraj Bafna was born on 14 November 1946 at Rajnandgaon, in the Indian state of Chhattisgarh. He graduated in medicine (MBBS) in 1969 from Netaji Subhash Chandra Bose Medical College, Jabalpur and continued his studies there to obtain the medical degrees of DCh (1972) and MD (1973) in pediatrics. He has also obtained a doctoral degree from Jain Vishva Bharati University, Ladnun.

Bafna is credited with a book, Status of Tribal Child Health in India. He has also been writing health column for over 40 years (since 1973) in Sabera Sanket, a Hindi language newspaper. He has also attended several seminars and has chaired many conferences.

Pukhraj Bafna has conducted over 500 child health camps and has supported 149 orphaned children in Bastar whose parents lost their lives due to militancy in the area. He lives in Rajnandgaon, Chhattisgarh.

Padmshri Dr. Pukhraj

Dr. Pukhraj Bafna
Dr. Pukhraj Bafna
  • Doctor Name :DR PUKHRAJ BAFNA
  • Contact :07744-225051
  • Address :BAFNA NIVAS GANJ LANE
  • City :Rajnandgaon
  • Email Address :dr_bafna@yahoo.co.in