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Bam Bam Bhole Baba Bam Lahari – Dukalu Yadav Shiv Bhajan

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Bam Bam Bhole Baba Bam Lahari

सावन स्पेशल भोलेनाथ बोलबम गीत
“बम बम भोले बाबा बम लहरी ” (छत्तीसगढ़ी शिव भजन)
प्रस्तुति – श्रद्धा विनोद कश्यप
स्वर- दुकालू यादव
गीतकार- रज्जु रइपुरिया
संगीत- ओ.पी. देवांगन
सिनेमेटोग्राफी- यशोधर एवं काशी वर्मा

Dukalu Yadav Shiv Bhajan 4K Video

Jinagi Ke Nai He Bharosa Sangwari- Kantikartik Yadav

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Jinagi Ke Nai He Bharosa- Kantikartik Yadav New CG Song

Jinagi Ke Nai He Bharosa- Kantikartik Yadav

यह जीवन दर्शन पर आधारित एक छत्तीसगढ़ी गीत है जिसे कायाखण्डी गीत भी कहा जाता है। इस गीत में जीवन को सही तरीके से जीने की सलाह है | तार्किक तरीके है जिनसे अनमोल जीवन को सम्मानपूर्वक जिया जा सकता है।

Kantikartik Yadav Jas Geet MP3 Download

Video Song – Kantikartik Yadav New Song Video| जिनगी के नइ हे भरोसा| JINAGI KE NAI HE BHAROSA

Kantikartik Yadav CG Songs

Jawara Jas Geet Chhattisgarhi (Kantikartik Yadav)

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Jawara Jas Geet Chhattisgarhi (Kantikartik Yadav) In Chhattisgarh, for the prosperity of their family, devotees sow Jawara by lighting a flame in their home or temple.

छत्तीसगढ़ में श्रद्धालु अपने परिवार की खुशहाली के लिए घर अथवा मंदिर में ज्योत जलवाते है और जंवारा बोते है। नवरात्री पर्व में यह प्रथा प्राचीन काल से चली आ रही है। जंवारा बोने के नियम काफी कठिन होते है। इस जसगीत में उन्ही नियमो को विस्तार से बताने का प्रयास किया गया है।

Kantikartik Yadav Jas Geet (Jawara Geet)
Jawara Jas Geet Chhattisgarhi

Best Hindi Quotes

Aigiri Nandini Mahishasura Mardini Strotam By Gitanjali Sahu

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Aigiri Nandini Mahishasura Mardini Strotam By Gitanjali Sahu

Mahishasura Mardhini” means one who killed the Asura Mahishasura and refers to  Goddess Durga. The demon was as a buffalo and hence the name “Mahish Asura”. She was created by the Gods to eradicate evil and many Asuras and Dhanavas were killed by her.

durga mahishasura mardini picture
mahishasura mardini

The beautiful Stotra is very captivating and describes in detail her beauty, power, emotions, skills, compassion, and divinity. The verses have great poetry and use various alliterations to describe the divine nature of the Goddess.

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Aigiri Nandini Song| Mahishasur Mardini| महिषासुर मर्दिनी | Gitanjali Sahu| 360India | aigiri nandini About This Song- Song- Aigiri Nandini (Mahishasur Mardini Strotam) Singer- Gitanjali Sahu Composed By- Prashant Kushwaha (Suraj Studio) Bass Guitar- Sonu Mesh Cinematography- Yashodhar Verma (360india)

CG Songs

Aigiri Nandini Lyrics- Aigiri Nandini Lyrics in Sanskrit-

अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्द नुते गिरिवरविन्ध्यशिरोऽधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते। भगवति हे शितिकण्ठकुटुम्बिनि भूरिकुटुम्बिनि भूरिकृते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥१॥

सुरवर वर्षिणि दुर्धर धर्षिणि दुर्मुख मर्षिणि हर्षरते त्रिभुवनपोषिणि शङ्करतोषिणि किल्बिष मोषिणि घोषरते। दनुजनिरोषिणि दितिसुतरोषिणि दुर्मदशोषिणि सिन्धुसुते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥२॥

अयि जगदम्ब मदम्ब कदम्ब वनप्रिय वासिनि हासरते शिखरि शिरोमणि तुङ्गहिमालय शृङ्गनिजालय मध्यगते। मधुमधुरे मधुकैटभ गञ्जिनि कैटभ भञ्जिनि रासरते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥३॥

अयि शतखण्ड विखण्डित रुण्ड वितुण्डित शुंड गजाधिपते रिपुगजगण्ड विदारणचण्ड पराक्रमशुण्ड मृगाधिपते। निजभुजदण्ड निपातितखण्ड विपातितमुण्ड भटाधिपते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥४॥

अयि रणदुर्मद शत्रुवधोदित दुर्धरनिर्जर शक्तिभृते चतुरविचार धुरीणमहाशिव दूतकृत प्रमथाधिपते। दुरितदुरीह दुराशयदुर्मति दानवदुत कृतान्तमते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥५॥

अयि शरणागत वैरिवधुवर वीरवराभय दायकरे त्रिभुवनमस्तक शुलविरोधि शिरोऽधिकृतामल शुलकरे। दुमिदुमितामर धुन्दुभिनाद महोमुखरीकृत दिङ्मकरे जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥६॥

अयि निजहुङ्कृति मात्रनिराकृत धूम्रविलोचन धूम्रशते समरविशोषित शोणितबीज समुद्भव शोणित बीजलते। शिवशिवशुम्भ निशुम्भमहाहव तर्पितभूत पिशाचरते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥७॥

धनुरनुषङ्ग रणक्षणसङ्ग परिस्फुरदङ्ग नटत्कटके कनकपिशङ्ग पृषत्कनिषङ्ग रसद्भटशृङ्ग हतावटुके। कृतचतुरङ्ग बलक्षितिरङ्ग घटद्बहुरङ्ग रटद्बटुके जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥८॥

सुरललना ततथेयि तथेयि कृताभिनयोदर नृत्यरते कृत कुकुथः कुकुथो गडदादिकताल कुतूहल गानरते। धुधुकुट धुक्कुट धिंधिमित ध्वनि धीर मृदंग निनादरते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥९॥

जय जय जप्य जयेजयशब्द परस्तुति तत्परविश्वनुते झणझणझिञ्झिमि झिङ्कृत नूपुर शिञ्जितमोहित भूतपते। नटित नटार्ध नटी नट नायक नाटितनाट्य सुगानरते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥१०॥

अयि सुमनःसुमनःसुमनः सुमनःसुमनोहरकान्तियुते श्रितरजनी रजनीरजनी रजनीरजनी करवक्त्रवृते। सुनयनविभ्रमर भ्रमरभ्रमर भ्रमरभ्रमराधिपते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥११॥

सहितमहाहव मल्लमतल्लिक मल्लितरल्लक मल्लरते विरचितवल्लिक पल्लिकमल्लिक झिल्लिकभिल्लिक वर्गवृते। शितकृतफुल्ल समुल्लसितारुण तल्लजपल्लव सल्ललिते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥१२॥

अविरलगण्ड गलन्मदमेदुर मत्तमतङ्ग जराजपते त्रिभुवनभुषण भूतकलानिधि रूपपयोनिधि राजसुते। अयि सुदतीजन लालसमानस मोहन मन्मथराजसुते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १३॥

कमलदलामल कोमलकान्ति कलाकलितामल भाललते सकलविलास कलानिलयक्रम केलिचलत्कल हंसकुले। अलिकुलसङ्कुल कुवलयमण्डल मौलिमिलद्बकुलालिकुले जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १४॥

करमुरलीरव वीजितकूजित लज्जितकोकिल मञ्जुमते मिलितपुलिन्द मनोहरगुञ्जित रञ्जितशैल निकुञ्जगते। निजगुणभूत महाशबरीगण सद्गुणसम्भृत केलितले जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १५॥

कटितटपीत दुकूलविचित्र मयुखतिरस्कृत चन्द्ररुचे प्रणतसुरासुर मौलिमणिस्फुर दंशुलसन्नख चन्द्ररुचे। जितकनकाचल मौलिमदोर्जित निर्भरकुञ्जर कुम्भकुचे जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १६॥

विजितसहस्रकरैक सहस्रकरैक सहस्रकरैकनुते कृतसुरतारक सङ्गरतारक सङ्गरतारक सूनुसुते। सुरथसमाधि समानसमाधि समाधिसमाधि सुजातरते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १७॥

पदकमलं करुणानिलये वरिवस्यति योऽनुदिनं सुशिवे अयि कमले कमलानिलये कमलानिलयः स कथं न भवेत्। तव पदमेव परम्पदमित्यनुशीलयतो मम किं न शिवे जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १८॥

कनकलसत्कल सिन्धुजलैरनु षिञ्चतितेगुण रङ्गभुवम् भजति स किं न शचीकुचकुम्भ तटीपरिरम्भ सुखानुभवम्। तव चरणं शरणं करवाणि नतामरवाणि निवासि शिवम् जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १९॥

तव विमलेन्दुकुलं वदनेन्दुमलं सकलं ननु कूलयते किमु पुरुहूतपुरीन्दु मुखी सुमुखीभिरसौ विमुखीक्रियते। मम तु मतं शिवनामधने भवती कृपया किमुत क्रियते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ २०॥

अयि मयि दीन दयालुतया कृपयैव त्वया भवितव्यमुमे अयि जगतो जननी कृपयासि यथासि तथानुमितासिरते। यदुचितमत्र भवत्युररी कुरुतादुरुता पमपाकुरुते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ २१॥

श्री श्री आदिशंकराचार्यविरचितम् महिषासुरमर्दिनिस्तोत्रम्

aigiri nandini mahishasur mardini strotam by gitanjali sahu
aigiri nandini mahishasur mardini strotam by gitanjali sahu

Gaura Gauri Geet- Johar Johar Mor Goura Gouri -Gitanjali Sahu

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Gaura Gauri Geet- Johar Johar Mor Goura Gouri -Gitanjali Sahu

गऊरा गऊरी गीत- गऊरा गऊरी गीत छत्तीसगढ़ का एक प्रसिद्ध लोक उत्सव है। गऊरा हैं शिव तथा गऊरी हैं गौरी पार्वती। यह लोक उत्सव हर वर्ष कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष की अमावस्या (दीपावली और लक्ष्मी पूजा के बाद) मनाया जाता है। इस पूजा में सभी जाति समुदाय के लोग शामिल होते हैं। दीपावली पूजा के दिन को ‘शुरुहुत्ति त्यौहार’ कहते हैं अर्थात् त्यौहार की शुरुआत। शाम चार बजे उस दिन लोग झुंड में गांव के बाहर जाते हैं और एक स्थान पर पूजा करते हैं। उसके बाद उसी स्थान से मिट्टी लेकर गांव वापस आते हैं। गांव वापस आने के बाद मिट्टी को गीला करते हैं और उस गीली मिट्टी से शिव-पार्वती की मूर्ति बनाते हैं। शिव है गऊरा – गऊरा है बैल सवारी और पार्वती याने गऊरी है सवारी कछुए की। ये मूर्तियां बनाने के बाद लकड़ी के पिड़हे पर उन्हें रखकर बड़े सुन्दरता के साथ सजाया जाता है। लकड़ी की एक पिड़हे पर बैल पर गऊरा और दूसरे पिड़हे पर कछुए पर गऊरी। पिड़हे के चारों कोनों में चार खम्बे लगाकर उसमें दिया तेल बत्ती लगाया जाता हैं। बड़े सुन्दर दृश्य है। रात को लक्ष्मी पूजा के बाद रात बारह बजे से गऊरा गऊरी झांकी पूरे गांव में घूमती रहती है। घूमते वक्त दो कुंवारे लड़के या लड़की गऊरा गऊरी के पिड़हे सर पर रखकर चलते हैं। और आसपास गऊरा गऊरी गीत आरम्भ हो जाते हैं नाच-गाना दोनों ही आरम्भ हो जाते हैं। गाते हुए नाचते हुए लोग झांकी के आसपास मंडराते हुए गांव की परिक्रमा करते हैं।

Gaura Gauri Geet- Johar Johar Mor Goura Gouri

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Ek Patri Raini Baini New CG Song| एक पतरी रैनी बैनी| Gitanjali Sahu| OP Dewangan #gouragourinewsong

Ek Patri Raini Baini New CG Song

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Kaise Karav Tor Bidai- Kantikartik Yadav(Navratri Bidai Song Video)

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Kaise Karav Tor Bidai-Kantikartik Yadav (Navratri Special Bidai Song Video)

The Chhattisgarhi Durga Mahotsav is the largest surviving Durga Puja in the world. The story of this ritual, like any other, involves several rituals and rituals. Each one is an important part of the story. Three very different events–Jyoti (worship) of the Mother Goddess, Tripti (pilgrimages), and Durga Visarjan mark the milestones in the story of Durga. Watch this video to discover the meaning behind these three events and what they mean for women and society today.

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Kantikartik Yadav Official Page

Kaise Karav Tor Bidai
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Kantikartik Yadav Playlist

Jiyat le Nata He Dai (Dukalu Yadav)- Chhattisgarhi New 4K Jas Geet Video

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Jiyat le Nata He Dai – Dukalu Yadav

यह गीत वैराग्य और नकारात्मक बातो को बल नहीं देता है। हमारे शरीर से जुड़े रिश्ते, शरीर के रहते तक है, शरीर छूटा तो सब रिश्ते भी छूट जाने है।

जीवन एक उत्सव है! यह जैसा भी मिला हो पूरे आनंद के साथ व्यतीत कीजिये।
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यह गीत जीवन में वैराग्य और नकारात्मक बातो को बल देने वाला नहीं है। हमारे शरीर (काया) से जुड़े रिश्ते, इस शरीर के रहते तक ही है। शरीर छूटा तो सब रिश्ते भी छूट जाने है। वीडियो में जीवन की सच्चाइयो को प्रतीकात्मक रूप से दिखाते हुए सही तरीके से जीने की प्रेरणा देने का प्रयास किया गया है।
आगे कितने ही और जन्म होंगे मगर, वर्तमान शरीर और ये रिश्ते, दुबारा नहीं मिलेंगे। जब तक जीवन है सभी के साथ हंसी ख़ुशी से रहिये।

Best Cg Song of Dukalu Yadav Ji

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ihi jeev aathe ihi jeev jathe- dukalu yadav

New Release 4K Video Song – JAB LE MAI DEKHEV TOLA (Champa Nishad)

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hampa Nishad Cg Song Video | JAB LE MAI DEKHEV TOLA | Sameer Khan | 4K | 360india | Videosong2021 About This Video Song- Jabale Mai Dekhev Tola… (Chhattisgarhi Love Song )

गीत- जबले मै देखेंव तोला…
स्वर- चंपा निषाद एवं समीर खान
गीतकार – श्री रामेश्वर वैष्णव जी
संगीत – विवेक शर्मा जी
ताल संयोजन – महेंद्र चौहान एवं नीलेश शर्मा
रेकार्डिंग- सरगम डिजिटल रिकॉर्डिंग स्टूडियो, रायपुर
विशेष तकनिकी सहयोग- ओ.पी. देवांगन
सिनेमेटोग्राफी – बेनेडिक्ट फ्रांसिस, राजा साहू, यशोधर वर्मा
विशेष आभार-अशोका इंजीनियरिंग कॉलेज राजनाँदगाँव
Copyright – All rights reserve @360INDIA (Shraddha Vinod Kashyap)

Best Beautiful Waterfall and Picnic Spots Near Raipur Chhattisgarh

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Best Beautiful Waterfall and Picnic-

मुंगई माता मंदिर, बावनकेरा,छत्तीसगढ़-

मुंगई माता मंदिर मुम्बई-कोलकाता नेशनल हाइवे पर झलप जिला-महासमुंद छत्तीसगढ़ में स्थित है। जोकि राजधानी रायपुर से लगभग ८५ किलोमीटर दूर है। यहाँ देवी का मंदिर रोड के किनारे और पहाड़ दोनों ही स्थानों पर है। प्राकृतिक रूप यह स्थान वन आच्छादित है । चारो ओर घने जंगल है। पहाड़ी पर स्थित मंदिर के आस पास बहुत सारी प्राकृतिक गुफायें है जहाँ भालू अपने परिवार के साथ रहते है। अब तक इनके द्वारा किसी को नुकसान पहुचाने की जानकारी नही है।
दिन में या शाम होते होते यह भालू का परिवार नीचे माता मंदिर के पास आ जाती है और श्रद्धालुओं के बीच पुजारी जी के हाथों से चीजे लेकर खाने लगते है आम रस शहद जैसी रसीली चीजे इन्हें बेहद पसंद है।

इस वीडियो में भालुओ को घूमते मस्ती करते और खाते हुए आप देख सकते है।
यहाँ लगभग प्रतिदिन ही भालू नीचे आते है बांकी समय ऊपर की पहाड़ी में अपनी गुफा में आराम करते है।
आप झलप से पहले ही इस मंदिर को रोड किनारे देख सकते है और दर्शन कर सकते है। बहुत ही शांत और आध्यात्मिक वातावरण है इस मंदिर में। आप सभी ज़रूर जाए ।

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प्रसिद्ध कनकेश्वर महादेव मंदिर,ग्राम- कनकी कोरबा-

कनकी एक गांव है जो उर्गा के पास हसदो नदी के तट पर स्थित है, जो कोरबा से 20 किमी दूर है। कनकी ऊर्गा से 12 किलोमीटर की दूरी पर है। यह धार्मिक स्थल कनकेश्वर महादेव या चक्रेश्वर महादेव मंदिर के नाम पर प्रसिद्ध है। यह माना जाता है कि कनकी का मंदिर कोरबा के जमींदारों द्वारा 1857 के आस-पास बनाया गया था।
मंदिर, पत्थरों पर बनाई गई कई खूबसूरत चित्रों से सजा हुआ है। इसके अलावा, देवी दुर्गा का एक और प्राचीन मंदिर है।


यह गांव घने जंगल से घिरा हुआ है और कई तालाब यहाँ स्थित है। यह क्षेत्र प्रवासी पक्षियों के कारण भी काफी प्रसिद्ध है। यहाँ 15 मई के बाद विभिन्न तरह के प्रवासी पक्षी नवम्बर देखे जा सकते है ।

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चंडी माता मंदिर (भालू मंदिर) घुंचापाली, बागबाहरा छत्तीसगढ़-

यह मंदिर पहाड़ी पर स्थित है जहां स्वयं भू माता चंडी की विशाल प्रतिमा स्थापित है। यह स्थान राजधानी रायपुर से लगभग 90 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहाँ सड़क मार्ग और रेल मार्ग दोनों से पहुंचा जा सकता है। प्राकृतिक रूप से सम्पन्न यह क्षेत्र घने वनो से घिरा हुआ है , पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहाँ जंगली जानवर भी बहुतायत में पाए जाते है। मंदिर में प्रतिदिन भालुओ की टोली प्रसाद खाने के लिए आते है, ये मंदिर परिसर में पालतू की तरह व्यवहार करते है जिससे किसी प्रकार का खतरा नहीं होता है।

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घटारानी जलप्रपात एवं माता मंदिर, गरियाबंद-

घटारानी, यह जतमई मंदिर से 25 किमी दूर स्थित एक बड़ा जलप्रपात है। घटारानी मंदिर में नवरात्रि का त्योहार बहुत उत्साह और भक्ति के साथ मनाया जाता है। यहां हम विशेष रूप से नवरात्रि जैसे उत्सव के अवसरों पर सजावट देखते हैं। मानसून के बाद यह यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय है। मंदिर के पास ही सुंदर जलप्रपात बहता है, जो इस स्थान को और आकर्षक बनाता है। पूरे परिवार के लिए गंतव्य को पसंदीदा पिकनिक स्थल बनाने के लिए जलप्रपात पूर्ण प्रवाह में है। मंदिर में प्रवेश करने से पहले डुबकी लगाने के लिए झरना सबसे अच्छी जगह है। अधिक साहसी लोग जंगल में सैर कर सकते हैं। रायपुर से घटारानी मंदिर के लिए वाहन आसानी से उपलब्ध हैं।

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जतमई माता मंदिर और जलप्रपात गरियाबंद,छत्तीसगढ़-

रायपुर से 85 किमी दूर गरियाबंद के पास स्थित “जतमई मंदिर” एक छोटे से जंगल के सुंदर स्थलों के बीच स्थित “माता जटामाई” को समर्पित है। मंदिर को एक विशाल मीनार और कई छोटे शिखर / मीनारों के साथ ग्रेनाइट से खूबसूरती से उकेरा गया है। मुख्य प्रवेश द्वार के शीर्ष पर पौराणिक पात्रों का चित्रण करने वाली एक भित्ति चित्र देख सकते हैं। बारिश के मौसम में यहाँ प्राकृतक रूप से बहने वाला झरना सभी का मन मोह लेता है।

Waterfall near Raipur Chhattisgarh

धसकुड़ जलप्रपात, सिरपुर, छत्तीसगढ़-

छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक प्राचीन अवशेषों वाले कस्बे सिरपुर से लगभग १४ किलोमीटर दूर बारनयापारा अभ्यारण्य मार्ग पर घने जंगलो के बीच स्थित है धसकुड़ जलप्रपात। प्राकृतिक सौन्दय से भरपूर यह स्थान काफी सूनसान और भयावह भी है। जब भी आप यहाँ जाये समूह में जाये। जंगली जानवर इस क्षेत्र में घूमते मिल सकते है अतः सतर्कता ज़रूरी है।

Dhaskund Waterfall Awara Chhattisgarh

Beautiful Waterfall & Picnic Spots Near Raipur Chhattisgarh

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रहस्यमयी शिव गुफा चैतुरगढ़ का विहंगम दृश्य (Maa Mahisha Sur Mardani Chaiturgarh)-

Chaiturgarh or Lafagarh is a fort about 51 kilometres from Katghora tehsil, Korba district, Chhattisgarh, India, on the Korba–Bilaspur road. It is an Archaeological Survey of India protected monument. Chaiturgarh is one of the 36 forts of Chhattisgarh.

Mainpat Chhattisgarh Tourism Place-

Mainpat is a hill station and small village in the Surguja district in the northern part of the state of Chhattisgarh, India. It lies about 55 kilometers by road from Ambikapur. 
मैनपाट हरे भरे गहरी घाटियों, लुभावने झरनों, घने जंगलों और अछूते नालों के साथ एक हिल स्टेशन है। यहाँ अधिकतर तिब्बती आबादी और क्षेत्र पर प्रभाव और ठंडा स्थान होने के कारण मैनपाट को अक्सर छत्तीसगढ़ का शिमला और मिनी तिब्बत कहा जाता है। तिब्बती शरणार्थियों को मैनपाट तिब्बत पर चीनी आक्रमण के बाद में पुनर्वास किया गया था |

रहस्यमयी चुंबकीय क्षेत्र मैनपाट- DRONE VIDEO OF MAINPAT ULTAPANI & JALJALI ZAMEEN

Chhattisgarh Tourism Board

CG Jas Geet Kantikartik Yadav-360india

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CG Jas Geet Kantikartik Yadav-360india

Dai Mola Darsan De De Kantikartik Yadav Jas Geet

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जंवारा विसर्जन में सैकड़ो की संख्या में इस मंदिर से ज्योति कलश को विसर्जन के लिए ले जाया जाता है जिसका दृश्य अद्भुत और दर्शनीय होता है।

Jawara Visarjan 2022 Kantikartik Yadav Jas Geet Video
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Jawara Visarjan Live Video

माँ चंडी माता मंदिर लखोली नाका राजनाँदगाँव – इस मंदिर में जंवारा विसर्जन का भव्य आयोजन प्रतिवर्ष होता है। महिलाये अपनी मन्नत के लिए जंवारा विसर्जन को जाने वाले रास्ते में पानी डालकर लेट जाती है।

Chandi Mata Mandir Jawara Visarjan 2022

Pag Pag Aarti Utarav More Maa – Jawara Visarjan 2022

CG Jas Geet Kantikartik Yadav-360india

छत्तीसगढ़ में श्रद्धालु अपने परिवार की खुशहाली के लिए घर अथवा मंदिर में ज्योत जलवाते है और जंवारा बोते है। नवरात्री पर्व में यह प्रथा प्राचीन काल से चली आ रही है। जंवारा बोने के नियम काफी कठिन होते है। इस जसगीत में उन्ही नियमो को विस्तार से बताने का प्रयास किया गया है।

Kaise Karav Mai Dai Wo Kantikartik Yadav CG Jas Geet 2022
Ran Ma Lalkare- Kantikartik Yadav Jas Geet