तीजन बाई (जन्म 24 अप्रैल 1956) छत्तीसगढ़ की पारंपरिक प्रदर्शन कला पांडवानी की प्रतिपादक हैं, जिसमें वह संगीतमयी संगत के साथ महाभारत के किस्से गढ़ती हैं।उन्हें 1987 में पद्म श्री, 2003 में पद्म भूषण, और भारत सरकार द्वारा 2019 में पद्म विभूषण, 1995 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, 1995 में संगीत नाटक अकादमी, भारत की राष्ट्रीय संगीत अकादमी, नृत्य और नाटक द्वारा दिया गया।

Teejan Bai (born 24 April 1956) is an exponent of Pandavani, a traditional performing art form, from Chhattisgarh, in which she enacts tales from the Mahabharata, with musical accompaniments.

She has been awarded the Padma Shri in 1987, Padma Bhushan in 2003, and Padma Vibhushan in 2019 by Government of India, besides 1995 Sangeet Natak Akademi Award in 1995, given by Sangeet Natak Akademi, India's National Academy of Music, Dance & Drama.

Smt. Teejan Bai

Teejan Bai started singing Pandwani in the year 1970-71. Teejan Bai Virat and Sudarshan are wealthy and heavy and sweet vocalists of personality. She stands up and performs, she got active support from government institutions. With his talent and tireless hard work, he not only established and made Pandwani proud but also brought pride to himself and the state of Chhattisgarh. She has been conferred with the Padma Vibhushan by the Government of India for her outstanding contribution to Pandwani culture in the year 2019. She is the first female artist in the state of Chhattisgarh to receive this honor. Though she has some hearing difficulty but almost sixty Year old Teejan Bai is still active. The beginning of Pandwani singing by standing is the gift of Teejan Bai. He developed a different singing style from his senior and noted Pandavani singer Jhaduram Dewangan. He paid special attention to the ensemble with narrative singing and emotional performance and effective vocal movements in the presentation of dialogues, and his successful use made the Pandavani presentation more expressive.

Teejan Bai Pandwani Group
Teejan Bai Pandwani Group

सन 1970-71 में तीजन बाई ने पंडवानी गाना आरम्भ किया। तीजन बाई विराट और सुदर्शन व्यक्तित्व की धनी तथा भारी एवं मधुर कंठ की स्वामिनी गायिका हैं। वे खड़े होकर प्रस्तुति करती हैं ,उन्हें शासकीय संस्थाओं का सक्रीय सहयोग मिला। अपनी प्रतिभा और अथक परिश्रम से उन्होंने न केवल पंडवानी को स्थापित और गौरान्वित किया बल्कि स्वयं और छत्तीसगढ़ राज्य का भी गौरव बढ़ाया। सन २०१९ में उन्हें भारत सरकार द्वारा पंडवानी कालरूप में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्मविभूषण सम्मान प्रदान किया गया है।छत्तीसगढ़ राज्य में वह ऐसी पहली महिला कलाकार हैं जिन्हें यह सम्मान मिला है।यद्यपि कानों से सुनने में कुछ कठिनाई होने लगी है परन्तु लगभग पैसठ वर्षीय तीजन बाई अभी भी सक्रीय हैं। खड़े होकर पंडवानी गायन का आरम्भ तीजन बाई की देन है। उन्होंने अपने से वरिष्ठ और ख्यातिनाम पंडवानी गायक झाडूराम देवांगन से भिन्न गायन शैली विकसित की। कथा गायन के साथ पहनावा और भाव अभिनय तथा संवादों की प्रस्तुति में स्वर का प्रभावशाली उतार -चढाव आदि पर उन्होंने विशेष ध्यान दिया और उसके सफल प्रयोग से पंडवानी प्रस्तुति को अधिक अभिव्यंजनापूर्ण बनाया।

Padma Vibhushan
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Padma Vibhshan By President of India
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