एक सच्चाई जिसे आज ही समझ ले तो आने वाला कल और बेहतर होगा ...

"संबंधो में प्रेम हो ना हो, समर्पण और सम्मान ज़रूर होना चाहिए।
अपनों के सुख में भागीदार बने ना बने लेकिन दुःख में उनका साथ देना हमारी ज़िम्मेदारी भी है और ज़रूरत भी।"
बेकार है वह उपलब्धियां जिनका जश्न मनाने के लिए कोई अपना साथ ना खड़ा हो। धन, मान सम्मान भी मज़ा नहीं देता जब तक कोई अपना/ परिवार के/ समाज के लोग शाबाशी नहीं दे देते।
मेरे इस विचार से आप सहमत हो या ना हो लेकिन हकीकत यही है, इसलिए नये संबंधी/दोस्त बनाने से पहले पुराने और असली संबंधो को बचाए, साथ बैठे और उनका सुख - दुःख जाने एवम् अपना बताए।
ऐसे ही और विचारों के साथ प्रतिदिन अपडेट के लिए नीचे दिए लिंक को क्लिक करके "विचार बदलो" मोबाईल एप इंस्टाल करे।
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परिणाम बदला जा सकता है

घटनाये पूर्व निर्धारित होती है और वे अपने समय पर घटती भी है।

भाग्य के भरोसे बैठे लोगो को भी पूर्व निर्धारित घटनाओ का सामना करना पड़ता है ।

भाग्य में होना कहकर कर्महीन व्यक्ति सब कुछ को स्वीकार करते रहते है और कर्मयोगी अपने प्रयासों से भाग्य को बदलने की कोशिश करते है।

कर्मयोगी को भी पूर्व निर्धारित घटनाओ से दो-चार होना पड़ता है, किन्तु ये प्रयासों से स्वयं को इतना मज़बूत कर चुके होते है कि, घटनाये अपना परिणाम बदल देती है। 

कहने का तात्पर्य है कि, जो होना है वह ज़रूर होगा किन्तु हम अपने प्रयासों से घटनाओ के परिणाम को बदल सकते है।

भाग्य का रोना छोड़कर अपने कर्म पर भरोसा करना शुरू करे। 

मूर्खों से बहस में ना उलझे

"मूर्ख/मंदबुद्धि लोगो की सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि ये कभी किसी को अपने से बड़ा नही मानते और अपने अलावा सभी को झूठा समझते है।"इन्हे प्रत्येक से समस्या होती है जबकि वास्तव मे ये स्वयं सभी के लिए एक समस्या होते है।

इन्हे समझना/समझाना पत्थर पर सर पटकने जैसा होता है।स्वयं को ऐसे लोगो से दूर रखकर ही परेशानी से बच सकते है।

"The biggest problem for the fool / stupid people is that they do not consider anyone to be bigger than themselves, and everyone else is considered to be a liar except themselves." They all have a problem, whereas in reality they are a problem for everyone.

Understanding this is like tossing stones on the stone. Keeping themselves away from such people can only save the problem.

पहले परीक्षा का भय ख़त्म करे

https://www.youtube.com/watch?v=K4O_1sPXKt8&t=7s

शर्त यही है कि आपसे भी किसी का बुरा ना हो

हमारे जीवन में जो कुछ भी होता है, उन सभी में हमारे भरोसे का बहुत बड़ा योगदान होता है 

सच मानिये सब कुछ सिर्फ हमारे भरोसे पर ही टिका होता है |

यदि बस के ड्राईवर की छमता  पर आप भरोसा करके नहीं बैठे, तो आपका गंतव्य स्थान तक सकुशल पहुचना थोडा  कठिन हो जाता है |

जिस पर भी आप भरोसा करे पूरा करे | सबसे पहले अपने आप पर भरोसा करने से शुरुआत कीजिये |

जो भी आपकी छमता  है उस पर पूरा भरोसा रखे |

यह  भरोसा आपकी छमता  को और  बढाएगा |

किसी के भी कहने पर आप स्वयं को कमज़ोर  ना माने |

गौर करे तो पाएंगे की हमारी कमजोरी  का दुसरे लोग भरपूर फायदा  उठाते  है , और उन्हें ऐसा करने की इज़ाज़त, अनजाने में हम ही देते  है |

आज की प्रतिस्पर्धी जीवनशैली  में कोई किसी के बारे में अच्छी राय रखे ज़रूरी नहीं है,  किन्तु सभी ऐसे ही लोग हो यह भी ज़रूरी नहीं है |

आप अपने ऊपर,अपनी छमता के ऊपर,अपने गुरु  के ऊपर, उस ईश्वरीय शक्ति के ऊपर पूरा भरोसा रखे कि, कोई कुछ भी करे, ये आपका बुरा होने नहीं  देंगे |

अगर आपका भरोसा पक्का रहा तो यक़ीनन कोई आपका बुरा नहीं कर पायेगा | बस शर्त यही है कि आपसे भी किसी का बुरा ना हो |

पूर्वाग्रह

हम जैसा सोचते है वैसे ही हो जाते है. हमने बचपन से नकारात्मक बातो को अधिक ग्रहण  किया  है. इसलिए   नकारात्मक घटनाओ पर हमें जल्दी भरोसा होता है जबकि अच्छी बातो पर शंका होती है."किसी को बुरा बताने जाने  पर हम  तुरंत विश्वास कर लेते है जबकि किसी को अच्छा कहे जाने पर मन शंकाओ से भर जाता है"दुनिया को देखने  और बातो को ग्रहण करने  के  नजरिये  को बदलकर  हम आज भी अपने अन्दर सकारात्मक उर्जा का संचार करने की छमता रखते है.  तो  बदल डालिए अपनी दुनिया को......

The way we think is the same. We have assumed negative speech from childhood more. Therefore, we are quick to believe in negative phenomena, while there is a doubt on the good things. "When we are told to tell a bad person, we immediately believe, whereas when someone is called good, the mind is filled with suspicion. By changing the attitudes of eclipse, we still have the capacity to communicate positive energy within ourselves. So change your world ...

सुख या दुःख

 तीन दोस्तों को एक गड्डा खोदते हुए  गड़ा खजाना मिलता है. दो दोस्त ज्यादा मजबूत एवं लड़ाकू स्वभाव के थे.दोनों मिलकर तीसरे दोस्त को भगा देते है ताकि खजाने के दो ही हिस्से हो.तीसरा दोस्त बिना विरोध किये वहा से चला जाता है.इधर दोनों दोस्तों के मन  में लालच आ जाता है.दोनों अकेले ही खजाना पा लेने की तरकीब सोचने लगते है.तभी एक दोस्त दुसरे के सर पर पत्थर से वार कर देता है. एक दोस्त मारा जाता है.दूसरा खुश होते हुए जैसे ही खजाने को उठाने के लिए जाता है तो उसे एक सांप डस लेता है और वह मदद के लिए तीसरे दोस्त को पुकारता है.तीसरा दोस्त आवाज़ सुनकर जब वहा पहुचता है तब तक दूसरा दोस्त भी मर चुका होता है. इस तरह खज़ाना तीसरे दोस्त को मिलता है.इस घटना को आपने कई तरह से पढ़ा सुना होगा.यहाँ पर इस घटना का सार यह है कि १. मौका सभी को बराबर का मिलता है .२. कोई अपनी कुटिलता से किसी का हिस्सा हथिया तो सकता है किन्तु उसका उपयोग हरगिज़ नहीं कर पाता है.उलटे अपना ही नुकसान करा लेता है.३. जो चीज़ जिसके हिस्से कि होती है उसे लाख कोशिश करके भी नही छिना जा सकता .इस पृष्ट को पढ़ते हुए आप बिलकुल ठीक सोच रहे है कि ऐसा खज़ाना सभी को कहा मिलता है ? ऐसे कुटिल दोस्त आपके नहीं हो सकते ? यदि आपको ऐसा खज़ाना मिल जाता तो आप ज़रूर सभी में बाँटते ? अगर खज़ाना घर ले भी आता तो कहाँ रखता ? कैसे बेचता ?सोचिये सोचिये , सोचने में क्या जाता है ? दोस्तों, सुख और दुःख इस सोच का ही परिणाम होता है. आप अच्छा सोचेंगे  तो सुख मिलता है और बुरा सोचेंगे तो दुखी होते रहेंगे . 

 Three friends get a deep treasure while digging a pitcher. Two friends were stronger and fighter than the other. Both together run away to the third friend so that there are only two parts of the treasure.The third friend goes without going without protest. Here both greed comes in the mind of the two friends. The only way to get treasure is to start thinking about it. One friend also strikes the other with stones.  
A friend is killed. When he goes to raise the treasure as soon as he is happy, he takes a snake and calls for a third friend for help. The third friend, when he comes, Is dead In this way the treasure gets to the third friend.You must have heard this incident in many ways. The essence of this incident is that 1. The chance gets equal to everyone. 2. Someone can grab a share of their own untruth, but they can not use it.Inverted itself takes revenge.3. Whatever is the portion of which can not be touched by trying lakhs. While reading this page, you are absolutely thinking that such a treasure can be said to all? Can not you be such a bad friend? If you found such a treasure, would you surely share it with others? If the treasure comes home then where do you keep it? How do you sell? Think, what goes in thinking? Friends, happiness and sorrow are the result of this thinking. If you think well then you will get happiness and think bad then you will be unhappy.