4 सितम्बर शाम से 12 सितम्बर सुबह तक राजनांदगाव क्षेत्र में लाकडाउन रहेगा

0
16
lockdown
lockdown covid-19 corona

राजनांदगाव: 2 सितम्बर 2020

4 सितम्बर शाम से 12 सितम्बर सुबह तक राजनांदगाव क्षेत्र में लाकडाउन रहेगा| कलेक्टर ने राजनांदगांव नगर पालिक निगम क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित किया 4 सितम्बर शाम 7 बजे से 12 सितम्बर सुबह 7 बजे तक सभी व्यवसायिक संस्थानों को बंद रखने के निर्देश

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री टोपेश्वर वर्मा ने नगर पालिक निगम राजनांदगांव क्षेत्र के सभी व्यवसायिक संस्थानों को 4 सितम्बर 2020 शाम 7 बजे से 12 सितम्बर 2020 सुबह 7 बजे तक बंद रखने के निर्देश दिए है। आदेश में कहा गया है कि जिले में विशेषत: नगर पालिक निगम राजनांदगांव सीमाक्षेत्र में कोरोना (कोविड-19) के लगातार बढ़ते पॉजिटिव मामलों को दृष्टिगत रखते हुए एवं जनप्रतिनिधियों, सामाजिक व व्यापारिक संगठनों द्वारा की जा रही मांग पर सम्पूर्ण नगर पालिका निगम राजनांदगांव क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है।

इस प्रतिबंध से केवल अस्पताल, मेडिकल शॉप, शासकीय व अर्धशासकीय कार्यालय, बैंक, मीडिया (न्यूज पेपर वितरण), पेट्रोल पंप एवं गैस एजेन्सियों को मुक्त रखा गया है। दूध डेयरी सुबह 6 बजे से सुबह 10 बजे तक खुले रहेगें, किन्तु डेयरी में दूध के अलावा अन्य सामग्री विक्रय करने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही शाम 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक केवल होम डिलिवरी की अनुमति होगी। खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित उद्योग जैसे राईस मिल, दाल मिल, पोहा मिल इत्यादि यथावत् संचालित रहेंगे।

सभी नागरिकों को अपने घर में ही रहने कहा गया है। बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए घर से बाहर जाने पर सामाजिक दूरी के दिशा-निर्देशों का अनुपालन करना होगा। साथ ही घर से बाहर जाने की स्थिति में प्रत्येक व्यक्ति को अनिवार्यत: अपना वैध पहचान पत्र साथ में रखना होगा।
नगर पालिक निगम राजनांदगांव क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फैक्ट्री, निर्माण एवं श्रम कार्य संचालित करने वाली इकाईयां को आवश्यक शर्तों के साथ छूट दी गई है। जिसके अंतर्गत श्रमिकों के रहने की व्यवस्था फैक्ट्री या इकाईयों के अंदर करनी होगी। आवश्यकता पडऩे पर कर्मचारियों के परिवहन की व्यवस्था फैक्ट्री या ईकाईयों को स्वयं करनी होगी।

संक्रमण विस्तार को दृष्टिगत रखते हुए भारत सरकार, राज्य शासन तथा समय-समय पर अन्य संस्थानों द्वारा महामारी से सुरक्षा के लिए जारी सभी निर्देशों का अक्षरश: पालन सुनिश्चित करना होगा। ईकाईयों में धनात्मक मरीजों की पहचान होने पर ईलाज पर होने वाले समस्त व्ययों का वहन ईकाईयों को ही करना होगा। निर्देशों का उल्लंघन किए जाने पर दण्ड प्रक्रिया सहिता की धारा 188, एपिडेमिक एक्ट एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here